नाम : डा. नवल्दीप सिंह 
ज़िला:  काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश  
1) इस समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र /टेस्टिंग सेंटर में आपकी क्या भूमिका है ? 

यह ब्लाक मेडिकल आफिसर (BMO) के द्वारा निर्धारित किया जाता है | सैम्पल कलेक्ट को लेकर हमे शैडयूल प्राप्त होता है कि सैम्पल कलेक्ट करने के लिए कौन सी जगहों पर जाना है | इस समय पर मरीज़ के सैम्पल कलेक्ट करने के लिए ब्लाक स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, संस्थागत क्वारनटीन केंद्र, वैकल्पिक दिन में फ्लू क्लिनिक, ग्राम पंचायत में आयोजित कैम्प में सैम्पल कलेक्ट किये जा रहे है | केंद्र सरकार द्वारा 13 चिन्हित हाट-सपाट शहरों से आने वाले व्यक्ति को संस्थागत क्वारनटीन किया जा रहा है | इसके अलावा दूसरे राज्यों से आने वालों व्यक्ति को होम क्वारनटीन करने के 7 दिनों के बाद उनका सैम्पल नज़दीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वैकल्पिक दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार) में सैम्पल कलेक्ट किया जा रहा है |       

2) इस करोना महामारी में आपकी रिस्पांसिबिलिटी में किस प्रकार का बदलाव आया है ? 

जवाब : वर्तमान में जिस व्यक्ति का सैम्पल ले रहे है, उसे प्राथमिक रूप से मरीज की तरह ही हम ट्रीट करते है | जहाँ इससे पूर्व हम इन्फेक्शन कंट्रोल को लेकर इतने गभीर नही थे | परन्तु अब हम सैम्पल लेते समय जब मरीज/रोगी के सम्पर्क में आते है | तो सुरक्षा साधनों का उपयोग करते हुए टेस्टिंग करते है | जहाँ इससे पूर्व में हम एक दिन में 90-100 मरीज़ों /रोगियों को देख लेते थे और ग्लब्ज और हैण्डवाश का इतना ध्यान नही रहता था | परन्तु अब परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई है | अब यह हमारे दैनिक जीवन में आ गया है जैसे ही हम दुसरे व्यक्ति के सम्पर्क आते है तो सबसे पहले खुद को सैनेटाईज करना प्राथमिकता के रूप में होता है, ताकि कोई हमारी वजह से प्रभावित न हो जाये | 

3) करोना के कारण आपके निजी जीवन में किस प्रकार का बदलाव आया है ?  

मैं अपनी निजी जिदगी का अनुभव सांझा करूँ तो मैं अपने छ: महीने के बेटे से पिछले 5 महीने से नही मिला हूँ | आखरी बार मैं उससे मार्च में मिला था, कही न कही मन में डर रहता है कि मेरी वजह से मेरा परिवार संक्रमित न हो जाये | इसलिए मैंने अपने परिवार को दुसरी जगह पर भेज दिया है | यही वजह है कि 2-3 करोना पाजिटिव केस आने के बाद हम खुद का सैम्पल टेस्ट ले लेते है कि हम इस संक्रमण से प्रभावित तो नही हो गए है | क्यूंकि पी.पी.ई किट पर हम पूरी तरह से भरोसा नही कर सकते है | एक भय की स्थिति तो जरुर उत्पन्न है, लेकिन देश के लिए हम अपनी सेवायें दे रहे है वह जज्बा एक नई उर्जा हमें प्रदान करता है |   

4) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/ क्वारनटीन केंद्र स्थापित किये गए है क्या वहां पर आवश्यक संसाधन (टेस्टिंग किट्स, पी.पी.ई. किट्, ग्लब्ज, मास्क,) प्रयाप्त रूप से उपलब्ध है ? 

जवाब : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और क्वारनटीन केंद्र में आवश्यक टेस्टिंग किट्स, पी.पी.ई किट्स, ग्लब्ज और मास्क पर्याप्त रूप से उपलब्ध है | यह सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं जैसे डाक्टर, नर्सिज, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मचारी के लिए आवश्यक संसाधन के रूप में उपलब्ध है |  

5) होम क्वारनटीन किये गये व्यक्ति टेस्टिंग के लिए आप के पास आ रहे है तो उनसे आपको सहयोग मिल रहा है ? 

उत्तर : जी हाँ, अधिकतर व्यक्तियों से सहयोग प्राप्त हो रहा है | टेस्टिंग के लिए आये व्यक्तियों का प्रारम्भ में डाटा आनलाईन अपलोड किया जाता है और इस तरह से पूरी टेस्टिंग प्रक्रिया में 2-3 घंटे लग जाते है | परन्तु फिर भी व्यक्ति पूरा धैर्य बना के रखते है और पूरी प्रक्रिया होने के बाद शुक्रिया अदा कर वापिस घर जाते है |  

6) जैसे कि आप निरंतर रूप से अपनी सेवाएँ दे रहे, तो आप ने स्वयं और अपने परिवार को संक्रमण से बचाव के लिए क्या कदम उठाये है ? 

जवाब : मेरा परिवार में मेरे पत्नी पेशे से डाक्टर है और मेरा छ: महीने का बेटा है जोकि कुल्लू में रहते है | मेरे पिता जी मेरे साथ रहते है, परन्तु मैंने उन्हें कुल्लू अपने परिवार के पास भेज दिया है | क्यूंकि कही न कही संक्रमण का संशय मन में था | इसलिए करोना महामारी की स्थिति को समझते हुए घर में अकेला रहना बेहतर समझता हूँ |    

7) इस महामारी के कारण कार्य करने की अवधि (घंटे) में किसी प्रकार की वृद्धि हुई है ? आपको किस प्रकार के अतिरिक्त भत्ते की घोषणा हुई है ? 

 इस महामारी के कारण कार्य करने की अवधि में परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन हुआ है | जहाँ 9:30 से 4 बजे तक हमारे कार्य समय अवधि रहती है, परन्तु यह पूरी तरह से परिस्थिति पर निर्भर करता है | अभी टेस्टिंग के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचने, सैम्पल के लिए अधिक लोगों का पहुंचना और व्यक्तियों के आनलाईन डाटा एंट्री में काफी समय लग जाता है और यह स्वाभाविक है कि जो हमारा कार्य समय होता है उससे 2-3 घंटे अधिक  डयूटी के दौरान लग जाते है |   

8) भविष्य में इस प्रकार की महामारी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो आप स्वास्थ्य विभाग और सरकार को क्या परामर्श देने चाहेंगे ?  

मैं स्वास्थ्य विभाग और सरकार को यह सिफारिश करना चाहूँगा कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो सबसे पहले संस्थागत क्वारटीन का सख्ती से पालन होना चाहिए | जहाँ सरकार ने पहले 28 दिन और बाद में 14 दिन संस्थागत क्वारनटीन मरीजों को किया जा रहा था और वहां मरीजों की सही प्रकार से निगरानी की जा रही थी | परन्तु बाद में कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए (asymptomatic) बिना लक्ष्ण वालो को होम क्वारनटीन किया जा रहा है जो कि सही नही है क्यूंकि उससे यह पता नही चलता कि वह मरीज पूरी तरह से होम आईसोलेशन में नियमों का पालन कर रहे है या नही, और सम्भावना  रहती है कि परिवार के बाकि सदस्यों में संक्रमण की आंशका बनी रहती है |     

9) डाक्टर डे आपका कोई संदेश ?

जवाब : डाक्टर दिवस पर मैं यह सन्देश देना चाहूँगा, कि डाक्टर का दायित्व मानव कल्याण से जुड़ा है, और इस कोरोना महामारी के दौरान और अधिक सक्रिय होकर हम अपनी भूमिका निभा रहे है, मैं अपने आप गौरवान्वित महसूस करता हूँ कि मैं देश सेवा के कार्य से जुडा हूँ | मैं नर्सिज, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी और फील्ड स्टाफ आशा वर्कर का बहुत आभारी हूँ जोकि इस समय दिन-रात अपनी सेवायें दे रहे है |