70वां गणतंत्र दिवस, लेकिन क्या सेवा वितरण में सुधार है?

26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होते ही इसे विश्व के सबसे बड़े संविधान का दर्जा प्राप्त हुआ| भारत इस वर्ष अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है| हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजपथ पर अलग-अलग राज्यों की झांकियों के माध्यम से पूरे विश्व के सामने एक खुशहाल देश की तस्वीर प्रस्तुत की गयी | लेकिन क्या यही पूरी तस्वीर है या फिर सच्चाई कुछ और भी है?

सर्वविदित है कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र की योजनाओं की स्थिति बेहतर नहीं हैं, जिसे हम-आप सभी अपने दैनिक जीवन में किसी न किसी रूप में महसूस करते हैं | लेकिन इसके क्या कारण हैं? क्यों इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी देश में सार्वजनिक सेवाएं संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं ? तो ऐसे में एक आम नागरिक के लिए इस गणतंत्र दिवस के क्या मायने हैं?

अकाउंटबिलिटी इनिशिएटिव के अलग-अलग अध्ययनों में हमने पाया है कि बेहतर सेवा वितरण में जनता तथा सरकार दोनों की तरफ से ही सेवा वितरण प्रणाली में कमियां हैं। अपने अधिकारों के बारे में सही जानकारी का अभाव और सरकारी काम-काज की समझ में कमी के कारण लोग बेहतर सेवाओं के लिए अपनी भागीदारी नहीं निभा पाते हैं। और वहीं दूसरी तरफ सरकार की तरफ से भी जवाबदेही की कमी है | राज्यों द्वारा सार्वजनिक सेवाओं के वितरण के लिए सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक प्राधिकरणों की क्षमताओं (तकनीकी और प्रशासनिक) और योग्यता (राजनीतिक और संस्थागत) में अभी भी सुधार हो सकता है|

हमने नागरिक और सरकार दोनों के पहलुओं को समाज के सामने लाने का प्रयास “हम और हमारी सरकार” कोर्स के माध्यम से किया है| इस कोर्स से हम अपने ज़मीनी स्तर के अनुभवों एवं निष्कर्षों के द्वारा अपनी बात ठोस तरीके से आम जन एवं सरकार तक पहुंचाते हैं|

हमारे प्रतिभागी पहले से ही बेहतर सेवा वितरण प्रणाली के लिए अलग-अलग संस्थाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, या फिर अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहें हैं और किसी न किसी रूप में सरकार के साथ जुड़े हैं। इस कोर्स की विशेषता यही है कि हम अपने प्रतिभागियों को सरकार की दैनिक कार्यप्रणाली जैसे प्लानिंग, बजट तथा निर्णय लेने की प्रक्रियाओं के बारे में गहराई से समझाते हैं ताकि वे समझ पायें कि वास्तव में सरकार कैसे चलती है| हम बताते हैं कि सरकारें पारदर्शी, विकेंद्रीकृत और सुव्यवस्थित संरचना के लिए अपनी प्रतिबद्धता निभाने की कोशिश के बावजूद भी बेहतर सेवायें देने में कहाँ चूक जाती हैं और नागरिक इन्हें बेहतर करने में अपनी भागीदारी कैसे निभा सकते हैं |

यह कोर्स शुरुआत से अंत तक प्रतिभागियों को ज़मीनी हक़ीकत से अवगत करवाता है और उनके खुद के अनुभवों को बुनते हुए उनकी सरकारी कामकाज पर पकड़ को और मजबूत बनाता है।

“हम और हमारी सरकार” कोर्स करने के बाद हमारे प्रतिभागी आगे भी शासन सम्बन्धी जानकारी से जुड़े रहना चाहते थे और हम भी आम जनता तक यह जानकारी पहुँचाना चाहते थे | इस बात को ध्यान में रखते हुए, हमने निर्णय लिया कि बेहतर सेवा वितरण में अपनी भूमिका निभा रहीं ज़मीनी स्तर की इन संस्थाओं के लिए एक ऐसा मंच तैयार किया जाए, जहाँ पर सभी अपनी बात एक दूसरे के साथ साझा कर सकें, अपना कंटेंट शेयर कर सकें ताकि भविष्य के लिए एक सशक्त कम्युनिटी का निर्माण हो पाए|

अब वेबसाइट के माध्यम से हमारे प्रतिभागी और अन्य दर्शक आगे बढ़ते हुए शासन के कुछ विभागों के कार्यान्वयन को विस्तार से समझेंगे|

इस वेबसाइट में ‘पूर्व छात्र जुड़िये’ सेक्शन के जरिये प्रतिभागी आपस में जुड़ पायेंगे और एक दूसरे के काम को समझते हुए मजबूत चर्चा कर पाएंगे कि आखिर कैसे सेवाएं बेहतर हो सकती हैं | ‘आगे सीखिए’ सेक्शन के द्वारा प्रतिभागी कोर्स में सीखी हुई जानकारी से आगे बढ़ते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की योजनाओं की जमीनी हक़ीकत से और ज्यादा रूबरू होंगे| ‘सरकार से जुड़िये’ सेक्शन में हम प्रतिभागियों को सरकार के साथ काम करने के व्यावहारिक सुझाव देंगे और साथ ही शासन में असाधारण काम कर रहे सितारों से भी मिलवाएंगे।

“हम और हमारी सरकार” का आगामी कोर्स 14, 15, 16 मार्च, 2019 को जयपुर राजस्थान में आयोजित किया जा रहा है| यह एक खुला कोर्स है जिसमें कोई भी प्रतिभागी आकर इस कोर्स में शामिल हो सकता है| अधिक जानकारी के लिए यह पढ़ें|