हर चुनौती से निपटने के लिए हमें साथ आना होगा!

मैं बृजेन्द्र सिंह सामाजिक कार्यकर्ता मध्य प्रदेश के सतना जिले का निवासी हूं। बाकी जगह की तरह हमारे राज्य में भी कोविड-19 ने अपना कहर बरपाया है जो अभी भी जारी है| इस महामारी ने हर किसी की जिंदगी को किसी न किसी रूप में प्रभावित किया है लेकिन इंसान चाहे तो अपने स्तर पर कुछ भी कर सकने के उपाय तालाशने में सक्षम है| ऐसा ही हमारे जिला में भी देखने को मिला है जहाँ हमने लोगों के साथ-साथ सरकार के अधिकारीयों के साथ कोरोना से निपटने के प्रयास किये हैं जो अभी भी जारी है| इस अवधि में अभी तक अगर मैं अपने जिला की एक झलक दिखाऊं तो यहाँ पर काफी तरह के प्रयास किये गए हैं|

कोरोना से निपटने हेतु सरकार के साथ मिलकर किये गए कुछ प्रयास:

  • हमने कुछ युवाओं के साथ मिलकर गाँव की दीवारों पर जागरूकता से संबंधित नारा लेखन का काम लगभग 30 मुख्य जगहों पर किया। हमने स्वयं अपने स्तर पर 250 मास्क तथा ग्राम पंचायत के सहयोग से लगभग 2400 मास्क का निःशुल्क वितरण गाँव के लोगों को किया।
  • गाँव के लोगों के साथ मिलकर सामाजिक दूरी के पालन हेतु शासकीय राशन दुकान, किराना दुकान, बैंक जैसे सार्वजनिक स्थानों में दो गज की दूरी गोला बनाकर उसका पालन करने हेतु प्रेरित किया गया।
  • अप्रवासी मजदूरों हेतु जो गांव लौटकर आए उन्हें ग्राम पंचायत के सहयोग से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में कोरेंटिन किया गया उन्हें आवश्यक भोजन, सेनेटाइजर आदि उपलब्ध कराया गया।
  • अप्रवासी मजदूर का एक दल सूरत में बड़ी दयनीय अवस्था मे था जिसमे गांव के 8 लोग एक साथ थे सोशल मिडिया के माध्यम से जानकारी जैसे मिली तो स्थानीय विधायक से चर्चा कर उनको आर्थिक मदद पहुंचाई गयी। साथ ही स्थानीय विधायक द्वारा उनके फैक्ट्री मालिक से बात कर उन्हें खाने पीने की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
  • गांव में लौटे अप्रवासी मजदूरों व स्थानीय जरूरतमंदो को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत इच्छुक व जरूरतमंद को रोजगार की सुविधा दी गयी।
  • महिला शक्ति की भूमिका इस लड़ाई में अनुकरणीय रही है जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने कर्तव्यों का नियमित पालन किया जा रहा है। आज परिणामस्वरूप गाँव में कोई भूखा नहीं है, कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं है। आशा करते हैं कि भविष्य में भी सभी का योगदान ऐसे ही बना रहेगा तथा जहाँ पर भी सरकार को हमारी जरूरत होगी हम उनके साथ मिलकर पूरा सहयोग करेंगे|
  • पंचायत में सचिव, रोजगार सहायक एवं प्रतिनिधियों द्वारा स्थिति को देखते हुए निर्णय लिए गए जिसमें चाहे रोजगार गारन्टी के अंतर्गत काम हो या फिर बाहर से आये लोगों के लिए कोरेंटिन करने की व्यवस्था हो या फिर लोगों को राशन वितरण की व्यवस्था करना हो|

चुनौतियां:

किसी उद्देश्य तक की प्राप्ति करने हेतु चुनौतियां आना स्वाभाविक है| कई तरह के लोग होते हैं जो शायद हर जगह ही होते हैं| जैसे मास्क लगाने से क्या होगा, सामाजिक दूरी हमारे लिए जरुरी नहीं है वो तो शहरों में रहने वाले लोगों के लिए हैं जब यहाँ कोरोना है ही नहीं तो हम ऐसा क्यों करें! इस तरह के लोगों  को समझाने में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को एक सकारात्मक माहौल बनाये रखने की जरूरत है| प्रशासन के स्तर से काफी सकारात्मक कार्य रहे माननीय तहसीलदार, पटवारी, ग्राम सेवक, थाना प्रभारी व अन्य शासकीय लोगों का सहयोग इस लड़ाई से लड़ने का माहौल बनाने में नियमित रूप से अनुकरणीय रहा है|

मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि जब नागरिक के तौर पर हमें भी अपने दायित्वों का पालन करना होगा, केवल हर चीज के लिए सरकार के ऊपर निर्भर रहना भी गलत है| यदि हम अपने प्रयासों से समाज को जोड़ने का काम करें तो मुझे लगता है कि सरकार के लिए इससे किसी भी नवाचार, चुनौतियों आदि को करने में काफी मदद मिलेगी|