हमसे सवाल पूछें!

‘हमसे सवाल पूछें’ सेक्शन के अंतर्गत हमारे पास आप जैसे कई साथियों के सवाल आ रहे हैं! कुछ दिन पहले हमसे बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के एक साथी ने सवाल पुछा है जो इस प्रकार है: 

“मेरा नाम विजय है और मैं बिहार के गोपालगंज जिले से हूँ जो पूर्ण रूप से बाढ़ प्रभावित है। पूरे प्रखंड के लोग 15 दिनों से बाढ़ में घिरे हुए थे। अब जाकर स्थिति कुछ सामान्य हुई है। कृपया मुझे जानकारी दें कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के द्वारा क्या-क्या सुविधाएँ तथा कितनी सहायता राशि दी जाती है। सभी पंचायतों में वार्ड सदस्यों को यह ज़िम्मेदारी दी गई है कि बाढ़ से प्रभावित घरों की सूची बनाएं, मगर वार्ड सदस्य को स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है| कुछ वार्ड सदस्य एक घर से एक ही व्यक्ति का नाम सूची में लिख रहे हैं बल्कि कुछ वार्ड सदस्य द्वारा तो एक घर में जितने भी शादीशुदा लोग हैं उनका नाम लिखा जा रहा है मगर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। कुछ लोगों के पक्के मकान दो मंजिले हैं तो कुछ लोगों की झोपड़िया तक बाढ़ में बह गई है। कृपया इसके बारे में जानकारी प्रदान करें”| 

विभिन्न स्रोतों से जानकारी निकालकर हमारी टीम ने उनके सवालों के जवाब दिए हैं जिन्हें हम आप सभी साथियों के साथ भी साझा कर रहे हैं: 

1) बिहार बाढ़ में मदद हेतु कौन सी योजना चलाई गयी है?

बिहार बाढ़ राहत योजना, बिहार बाढ़ सहायता योजना

2) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक परिवारों  को कितना राशि दिया जा रहा है?

6000 रुपये प्रति परिवार के अनुसार दिया जा रहा है|

3) बिहार बाढ़ सहायता राशि प्राप्त करने के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेज़, इन सभी का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं? बाढ़ प्रभावित सहायता राशि प्राप्त करने के लिए किस तरह की पात्रता एवं दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं?

सबसे पहले आपका जिला बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित होना चाहिए| आपका घर बाढ़ प्रभावित पंचायत या गाँव में आना चाहिए| आप पूरी तरह से बाढ़ प्रभावित परिवार होने चाहिए| आपके पास आधार कार्ड, बैंक खाता, पासबुक होना चाहिए| नाम, पता का विवरण सूची में देना होगा| तब जाकर आपको सहायता राशि मिलेगी| 

आवेदन – बिहार बाढ़ राहत योजना| 

फसल क्षति के लिए – कृषि विभाग के तरफ से सूची तैयार करी जाती उनके अधिकारी आपके गाँव में निरीक्षण के लिए आते हैं|

लिंक: http://www.aapda.bih.nic.in  पर  जाएँ!

4) बिहार बाढ़ सहायता योजना 2020 के अंतर्गत किस स्थिति में कितना मुआवजा मिलेगा?
  • कपड़ों के नुकसान पर 1800 रूपये 
  • बर्तन के लिए 2000रूपये 
  • प्रति हेक्टेयर फसल के लिए 6800 रूपये 
  • झोपड़ी का पूर्ण नुकसान होने पर 4100 रूपये  
  • पक्का मकान, कच्चे नुकसान पर 95100 रूपये  
  • प्रति गाय, भैंस की क्षति होने पर 30000 रुपये
  • 50 रूपये प्रति मूर्गी के नुकसान पर अधिकतम 5000 रूपये 
  • पक्के मकान के आंशिक क्षति ग्रस्त होने पर 5200 रूपये
  • जानवर के शैड नुकसान होने पर 2100 रूपये
  • बाढ़ में किसी सदस्य की मृत्यु होती है तो मुआवजे के रूप में 4 लाख रूपये दिए जाते हैं 

(ये जितनी सारी लाभ दिए जाते वह सभी स्थानों के लिए नहीं है जहाँ तटबंध टूट गया हो लोगों को सभी चीजें छोड़ का जानी पड़ती है | वैसे 6000 ही प्रति परिवार मिलता है|

5) बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन सी सुविधाओं का प्रावधान है?

उपरोक्त सुविधाओं के अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो में सामुदायिक किचन की व्यवस्था का प्रावधान है जिसमे प्रभावित लोग तीन समय का खाना खा रहे हैं| इसके अलावा जिन लोगों का घर बाढ़ में बह गया है उन लोगों के लिए सरकार द्वारा आश्रय घर का प्रबंध किया गया है जिसमें लोग आकर रह रहे हैं| इसकी देखरेख एवं अनुश्रवण हेतु वार्ड सदस्यों को ज़िम्मेदारी दी जाती है| सामुदायिक किचन विद्यालय परिसर में ही होता है और खाना बनाने की ज़िम्मेदारी विद्यालय रसोइया की होती है, जहाँ विद्यालय प्रभावित है वहां आंगनवाड़ी केंद्र पर सेविका / सहायिका खाना बनाती हैं|

6) वार्ड सदस्यों को कौन-कौन सी ज़िम्मेदारी दी गयी है? 

वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों कि सूची बना रहे हैं| इसके अलावा सामुदायिक किचन की व्यवस्था एवं देख -रेख कर रहे हैं, पीड़ित लोगों को आश्रय घर तक ले जा रहे हैं आदि| वार्ड वार विद्यालय के शिक्षक और विकास मित्र को दिया गया है जिससे की वार्ड -वार सर्वेक्षण करना है और उसकी सूची वार्ड सदस्य देखकर उसका अनुमोदन कर प्रखंड में उपलब्ध कराना होता है और इनका निरीक्षण भी वार्ड सदस्य करते हैं|

7) क्या प्रत्येक परिवार को सर्वे में शामिल किया गया है? 

बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को सर्वे में शामिल किया गया है और प्रत्येक परिवार को इसका लाभ भी मिल रहा है| जैसे – प्रत्येक परिवार के मुखिया को 6000 रुपया दिया जा रहा है | 2017 के मार्गदर्शिका के अनुसार एक पंचायत में 2000 राशनकार्ड धारी परिवार के आधार से मिलता है और जिनका राशनकार्ड नहीं है 2000 राशनकार्ड का 10% अतिरिक्त परिवार को मिलता है | इसमें भी 5 सदस्यों का एक परिवार माना जाता है | लेकिन किसी घर में 5 सदस्यों का एक परिवार है और एक परिवार सिर्फ माता -पिता का परिवार है, तो सिर्फ एक घर से सिर्फ एक परिवार का चयन होता है|

8) सूची कैसे तैयार की जाएगी?

राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी इन प्रभावित  क्षेत्रों मे प्रभावित लोगों की सूची तैयार करेंगे| जिस सूची में प्रभावित व्यक्ति का नाम, पता और उनका बैंक का अकाउंट संख्या की भी जानकारी मौजूद होगी| राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी| 

https://www.sarkariyojnaa.com/bihar-badh-rahat-yojana/

http://disastermgmt.bih.nic.in/Circulars/c-3341.pdf 2016 का है| प्राकृतिक आपदाओं में मृतक के परिवारों को अनुग्रह अनुदान के भुगतान के संबंध में | (4 लाख प्रति परिवार) 

शासन-प्रशासन से संबंधित किसी भी सवाल के लिए आप हमें humaari.sarkaar@accountabilityindia.org पर लिखें| हमारी पूरी कोशिश रहेगी की हम आपको इस तरह की जानकारी उपलब्ध कर सकें जिससे आपको काम करने में और ज्यादा आसानी हो पाए|