साथियों को जानिये : सुरेंद्र कुमार ठाकुर

नाम : सुरेन्द्र कुमार ठाकुर
आयु : 52
संस्था : प्रथम
क्षेत्र : नालंदा

1) अपनी संस्था और काम के बारे में बताईये ?
यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की पहल करती है | इसका मुख्य उद्देश्य यह है | यह बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर ज़ोर देती है क्योंकि प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने के पूर्व बच्चों कोपढ़ना ,लिखना तथा गणित में दक्षता हासिल करने पर ज़ोर देती है क्योंकि नितांत आवश्यक हो जाता है। यह CAMAL ((कंबाइंड एक्टिविटीज़ फॉर मक्सिमिज़ेड लर्निंग) पद्धति के द्वारा शिक्षा देने का प्रयास करती है | ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को तेज़ और सरल किया जा सकते जिसके लिए विभिन्न गतिविधियों को समन्वित किया गया है |

2) आप इस क्षेत्र में काम कब से और आपके सफर की शुरुआत कैसे हुई ?
मैं इस क्षेत्र में नवम्बर 2014 से काम कर रहा हूँ | सुपौल B.R.C. ने प्रथम के लोगों को प्रशिक्षण देते देखा और यहाँ के DC से बात की और लिखित परीक्षा और साक्षात्कार हुआ, इसके बाद मेरा चयन हुआ | राजगीर में प्रशिक्षण दिया गया और उस सफर की शुरुआत नालंदा की पवित्र धरती हरनौत से प्रारभ हुआ |

3) अभी तक के सफर में सबसे गर्व की बात क्या रही है ?
जब मैं जहानाबाद जिले के धोसी प्रखंड के अलीगंज संकुल CRC में प्रशिक्षण दे रहा था वहां CRCC, HM एवं शिक्षकों द्वारा शाल भेट कर विदाई की गई एवं वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के MS रईसा में प्रशिक्षण में विदाई के समय HM, CRCC एव शिक्षकों द्वारा शाल भेट कर विदाई दी गई | वह दृश्य हमें अभिभूत कर देता है वह जीवन का गौरवपूर्ण क्षण था | यह “प्रथम” के सम्मान के साथ मेरा भी सम्मान था |

4) इस क्षेत्र में काम करने की सबसे बड़ी चुनौती ?
मुझे उस समय लगा जब नालंदा जिले में बिहारशरीफ प्रखंड के बढींयावा में पायलट क्लास चलाया जा रहा था | जो महादलित बस्ती में था | जहाँ गरीबी अशिक्षा एवं गंदगी का साम्राज्य था | जब मैं कक्षा संचालन में जाता था तो सभी बच्चे मछली मारने या बैर तोड़ने या कही आलू उखाड़ने चले जाते थे, मुझे भी बच्चों को लाने के लिए जाना पड़ता और उनकी गतिविधियों में भाग लेना पड़ता और फिर वापिस जा कर कक्षा में बुला अधयन्न का कार्य शुरू हो पाता | सभी बच्चों के अभिभावक से बातचीत करना, बच्चों को साफ़-सुथरा कर पायलट क्लासेज में भेजने को प्रेरित करना एक चुनौतीपूर्ण एहसास रहा|

5) आगे चलते हुए, काम से सम्बंधित आपके क्या लक्ष्य हैं?
हमारे राज्य में शिक्षा एक बड़ी समस्या है | मेरा लक्ष्य सभी महादालिस्ट बस्ती में जहाँ शिक्षा का प्रकाश नही फैला है वहां शिक्षा के प्रकाश से उस घर में शिक्षा का दीप जलाऊ तथा सभी को गुणवतापूर्ण शिक्षा दूँ|

6) इस क्षेत्र में काम करने वाले बाकी लोगों के लिए कोई सन्देश या सलाह?
इस क्षेत्र में काम करने वाले बाकि लोगों को मैं यही सन्देश देना चाहूँगा कि शिक्षा की जरुरत महादलित लोगों में है | यह वर्ग शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ नही पाई है | उसे गुणवता शिक्षा देने में पहल करे अभी एक “पढता बिहार-पढता भारत ” की कल्पना को साकार रूप दे सकते है | और उनके सपने को पंख लग सकता है |

7) आपका मनपसंद खाना क्या है?
मेरा मन पसंद खाना दाल रोटी और हरी सब्जी है |

8) आपको क्या करना बिलकुल पसंद नहीं है?
मुझे दूसरे की शिकायत करने एव व्यर्थ समय गवाना अच्छा नही लगता है।

9) कौन सी जगह देखना या जाना चाहते हैं?
अध्यात्मिक केंद्र जहाँ हमारी सम्भ्यता एवं संस्कृति अक्षुण है और जहाँ ऐतिहासिक स्थल जहाँ हम ज्ञान-सम्वर्धन करसकते है |