राष्ट्र निर्माण में युवाओं के साथ सामाजिक बदलाव के लिए प्रयास

मैं नवरतन सैन, वर्ष 2013 से विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर अलग-अलग प्रयासों से ग्रामीण युवाओं का राष्ट्र निर्माण में योगदान सुनिश्चित करने एवं विभिन्न ग्रामीण परिस्थितियों में सामाजिक बदलाव की बारीकियों को समझने के साथ सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कार्यों से जुड़ा हुआ हूँ।

सामाजिक संगठनों जिनसे मैं जुड़ा जैसे – डॉ. अंबेडकर विचार मंच समिति, राष्ट्रीय सेवा योजना, ग्रामीण युवा विकास केंद्र, समुत्कर्ष युवा विकास नवयुवक मंडल, नेहरू युवा केंद्र संगठन, जीवन आश्रम संस्था, अकाउंटबिलिटी इनीशिएटिव सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, परिवार सेवा संस्था आदि| ज्यादातर संस्थाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में रहने वाले शिक्षित-अशिक्षित वर्ग के युवा- महिला जो सामाजिक बदलाव के मुद्दे पर अहम भूमिका निभा सकते हैं उन सभी के विचारों में अपने तरीकों से बदलाव लाकर राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

अगर नेहरू युवा केंद्र संगठन राजस्थान के जयपुर जिले की बात करें तो यहां युवाओं को संगठित कर युवा मंडल बनाने के लिए युवा मंडल विकास कार्यक्रम, युवा मंडल के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम, महिलाओं को स्वरोजगार मुखी बनाने के लिए महिला कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सिलाई, कढ़ाई, बुनाई एवं निशुल्क कंप्यूटर शिक्षा  प्रशिक्षण कार्यक्रम, खेल से जुड़ी ग्रामीण प्रतिभाओं के विकास हेतु ब्लॉक एवं जिले स्तर पर खेलकूद कार्यक्रम, कृषि जागरूकता, विद्यालय में नामांकन बढ़ाने के लिए जागरूकता रैलियां, नशा मुक्ति अभियान, युवा एवं महिला नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर, नए मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड बनवाना, जरूरतमंद व्यक्ति को ब्लड बैंक एवं रक्त दाताओं के माध्यम से रक्त उपलब्ध करवाना, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, चिकित्सा शिविरो, जल संरक्षण, रक्तदान शिविर, महिला सशक्तिकरण हेतु स्वरोजगारमुंखी प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, भाषण प्रतियोगिताएं, निबंध प्रतियोगिता, वृक्षारोपण कार्यक्रम, डिजिटल कैशलेस कार्यशाला, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नेतृत्व गुणों के विकास हेतु विभिन्न स्तरों पर भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं अन्य संस्थाओं के समन्वय के साथ विशेष शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के युवा मंडल पदाधिकारी सदस्यों को विभिन्न प्रकार की जानकारियां मिल सके। इन सभी गतिविधियों का मूल उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करना एवं ग्रामीण परिवार की परिस्थिति को समझते हुए सामाजिक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है इन गतिविधियों के माध्यम से उन्हें  अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं।

हम लोग वर्ष 2016 से लगातार सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और उसका परिणाम नजदीकी से देखने को भी मिला है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों की उपलब्धियों को हासिल करने के बावजूद भी हमें मालुम चलता है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं को पुरानी रुढ़िवादी परम्पराओं की वजह से सामाजिक बदलाव के मुद्दों पर बात करने में दिक्कत होती।

हम लोग जिला स्तरीय व उपखंड स्तरीय युवा मंडलों की बैठक करते हैं तो लोगों से भी सुनने को मिलता है कि अच्छे परिणाम ना आने का कारण रूढ़िवादी सोच होने के वजह से युवा सामाजिक बदलाव करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा ही नहीं बनते हैं। जब तक युवा अपने विकास के मुद्दों को लेकर सामने निकल कर नहीं आएंगे वह भी हमारी तरह नहीं सोचेंगे तब तक अच्छे परिणाम निकल कर नहीं आने वाले।

इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए हमने युवा मंडलों के साथ एक साझेदारी की, जो अपने स्तर पर ग्रामीण मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। युवा मंडल जो जमीनी स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में महिला व युवा वर्ग को सामाजिक रूप से सशक्त करने के मामले में एक बड़ा समूह माना जाता है। अतः इसी को ध्यान में रखते हुए हमने इनके अपने बाकी अन्य मुद्दों के अलावा ग्रामीण युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव हेतु नई सोच विचार के विकास के स्तर को इनके साथ बैठकर शामिल किया है ताकि गांव के बुजुर्ग युवाओं के विकास से जुड़े नए नए नवाचारों के प्रति जागरूक हों।

हमने युवा मंडलों का सहारा क्यों लिया :-

  • गांव के बुजुर्गों की प्राचीन रूढ़ीवादी मानसिकता को बदलने सम्बन्धी चर्चाओं के साथ ही युवाओं को ज्यादा से ज्यादा सामाजिक बदलाव प्रति जागरूक करना|
  • सामाजिक बदलाव की बात का स्तर पता चलने के बाद जिम्मेदार प्रशासन सरकार को अवगत कराने में युवाओं का मार्गदर्शन करना।
  • युवाओं द्वारा चयनित मुद्दा अगर गांव के लिए सही साबित होता दिखाई दे रहा हो तो अन्य लोगों को भी उनसे जुड़ने के लिए जागरूक एवं मार्गदर्शन करने का कार्य कर सकते हैं।

युवा मंडलों की साझेदारी कैसे चलती है:

  • नेहरू युवा केंद्र संगठन जिले के सभी ब्लॉकों में पंचायत समिति स्तर पर दो राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करता है जो जमीनी स्तर पर समुदाय में बदलाव लाने के लिए युवा मंडलों के माध्यम से  कार्य करता है।
  • मुख्य रूप से नेहरू युवा केंद्र की योजनाओं कार्यक्रम आदि को प्रसारित करने के लिए गांव स्तर पर युवा मंडलों द्वारा बैठकों में युवा जा कर उद्देश्य संबंधित मुद्दों पर बात करते हैं।
  • किस तरह से वे अपने गांव में सभी युवा मिलकर वृक्षारोपण कार्यक्रम चला सकते हैं तथा पेड़ पौधों के संरक्षण हेतु जिम्मेदारी बांटने का कार्य किस प्रकार से कर सकते हैं।
  • गांव में रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए रैली के आयोजन हेतु किन-किन संसाधनों की आवश्यकता होती है।
  • कार्यक्रमों के आयोजन से पूर्व कार्ययोजना किस प्रकार से बनाई जाती है।
  • गांव की किसी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कौन सा माध्यम उपयोग में लेना चाहिए।
  • गांव की प्रतिभाओं को उच्च स्तर पर पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन कब एवं किस प्रकार से किया जाना चाहिए।

गांव में जाकर क्या पता करते हैं:

राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक 15 दिनों से सम्बंधित युवा मंडलों के अध्यक्ष के साथ गांव में जाकर अपने युवा मंडल द्वारा किए कार्यो की उपलब्धि को पंचायत प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करते हुए नेहरू युवा केंद्र संगठन के जिला युवा समन्वयक तक के कार्यों का ब्यौरा पहुंचाने का कार्य करते हैं। युवा मंडल द्वारा किए गए जागरूकता कार्यक्रमों से युवाओं बुजुर्गों महिलाओं  में आए बदलाव का आकलन करने का कार्य नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक करते हैं एवं यह सुनिश्चित करते हैं कि इस गांव में इस मुद्दे पर कितने ओर समय कार्य करने की आवश्यकता है। गांव की समस्याओं को अवगत कराने के लिए युवा मंडल के युवाओं में नेतृत्व की क्षमता का विकास करने के लिए प्रशिक्षित करने के साथ-साथ अन्य संस्थानों के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जिससे वे अपने गांव से बाहर निकलने की आदत डाल सके एवं बाहरी वातावरण वातावरण में अन्य लोगों द्वारा किए जाने वाले सकारात्मक कार्यों की समझ बना सके।

किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

  • हम लोग हमेशा ही सरकारी तंत्र, प्रशासन एवं युवा मंडलों के बीच कार्य करते हैं तो ऐसे में गांव की समस्त युवाओं के साथ कार्य करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहता है।
  • अपने हर एक उदाहरण को उनके स्तर पर उनकी समझ एवं भाषा में रखना कई बार कठिन कार्य लगता है।
  • सभी युवा मंडल के पदाधिकारी सदस्य का एक समय में एक स्थान पर आना और कम समय में अपनी बातें रखना यह भी एक बड़ी चुनौती रहती है, क्योंकि ज्यादातर युवा अपने घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक से दूसरे स्थान पर जाने में असमर्थ, असहज एवं आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से समय देना युवाओं के लिए मुश्किल रहता है।
  • प्रारंभ में ग्रामीण युवाओं में डर, भय एवं हिचकिचाहट को तोड़ना और उन्हें अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है।

किस तरह के परिणाम देखने को मिल रहे ?

  • नेहरू युवा केंद्र संगठन एवं युवा मंडलों की साझेदारी से किए जाने वाले कार्यों से प्राचीन समय की रूढ़िवादी सोच रखने वाले हर वह व्यक्ति कुछ हद तक समझ चुका है कि उन्हें अपने गांव के युवा या स्वयं की बेटी-बेटा उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की गतिविधियों में अभिरुचि के साथ सहभागिता करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए गांव की प्रत्येक जानकारी उन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।
  • अब गांव के व्यक्ति भी नौजवान युवाओं के साथ अलग-अलग मुद्दों पर बात करने लगे हैं कि आप सभी को मिलकर गांव में युवाओं के समूह बनाकर सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करना चाहिए।
  • युवाओं के समूह में आज बहुत से बुजुर्ग मार्गदर्शक मंडल में भी शामिल है, और कुछ युवा मंडलों की ऐसी वास्तविक कहानियां भी हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर उनके कार्यों को सरकार मान्यता प्रदान करने के साथ साथ युवा मंडलों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी हैं।
  • नेहरू युवा केंद्र संगठन की देखरेख में युवा मंडलों का संचालन होने के कारण समूह ज्यादा सक्रीय है।
  • युवा मंडलों को आगे आने से गांव में सामाजिक बदलाव लाने का वातावरण एवं युवाओं की सक्रियता में काफी बड़ा बदलाव आया है|

युवा वर्ग हमारे देश का एक अहम हिस्सा हैं, इसलिए मेरा मानना है कि अगर युवाओं को ज्यादा से ज्यादा सशक्त किया जाये तो शिक्षा के साथ-साथ समाज में व्याप्त भ्रांतियों के खिलाफ कार्य कर कमियों को आसानी से सुधारा जा सकता है|

(नवरतन सैन वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संगठन Restless Development में Youth Accountability Advocate के तौर पर राजस्थान के जयपुर ज़िले में काम कर रहे हैं।)