राष्ट्रीय मतदाता दिवस : वोट करना आवश्यक क्यों हैं ?

बिहार में पंचायत चुनाव आने वाले महीनों में होंगे और आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस हैं। चुनाव चाहे जिस भी स्तर पर हों आइए समझते हैं एक नागरिक के रूप में आखिर क्यों हमारे लिए वोट करना जरूरी हैं । भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं जहाँ हर नागरिक को वोट देने का मूल अधिकार हैं । हम अपने मत का प्रयोग करके अपने मन पसंद नेता का चयन कर सकते हैं जो देश का नेतृत्व करने में सक्षम हों, आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकें और परिवर्तन ला सकें।

जब ज़्यादा से ज़्यादा लोग वोट करेंगें तो सेवा वितरण पर प्रभाव पड़ेगा क्यूंकि चयनित जन प्रतिनिधि की जवाबदेही बढ़ जायेगी| उसे धर्म / जाति विशेष से उठकर आम आदमी के हक़ के लिए काम करना होगा, इसलिए आम नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं की वह वोट करके अपने कर्त्तव्य का पालन करें| अगर हम चाहते हैं की सामाजिक जवाबदेही की कड़ी और मज़बूत हो तो सभी नागरिकों को वोट करने से नहीं चूकना चाहिए| अधिक वोट पड़ने से इसका सीधा असर निर्वाचित लोगो पर देखने को मिलेगा क्यूंकि अगर वोट का प्रतिशत बढ़ेगा तो वैसे नेता चुन कर आएंगे जो विकास की राह पर चलें |

युवा देश का भविष्य हैं और जब आज के नवयुवक वोट करने के लिए निकलेंगे, तो अवश्य देखेंगे की कौन सी पार्टी ने विकास कार्य को बढ़ावा दिया हैं | अधिक से अधिक वोटर अपनी ज़रुरत के हिसाब से सोचेंगे और “बेरोज़गारी” जैसे मुद्दे के ऊपर वोट करेंगें तो निर्वाचित प्रतिनिधियों को जाति धर्म को छोड़कर विकास पे अपना ध्यान लगाना ही पड़ेगा|

जैसे कि हमने पहले भी जाना वोट के ज़रिये सामाजिक जवाबदेही को मज़बूत करने का मौका मिलता हैं। मतदान के समय अपने मत का प्रयोग कर के हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने का भी मौका मिलता हैं| यदि जवाबदेही निर्धारण करनी हैं तो देश के लोगो को यह भी समझना होगा की अव्यवस्था का एक बहुत बड़ा कारण हमारा चुनाव के दौरान मतदान नहीं करना हैं| यदि ज़्यादा से ज़्यादा लोग मतदान करेंगे तो यह संभव हैं वही लोग चुन कर देश की सत्ता में आयेंगे जो देश व आम जनता के लिए काम करेंगे।

यदि चुनाव में सही नेता का चयन नहीं होता हैं तो उसका परिणाम भी आपको ही भुगतना होगा। वह अगले 5 साल के लिए उस पद पर रह कर सेवा वितरण पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा और शोषण करेगा | इसी वजह से युवाओं को चुनाव में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यदि आज सही नेता का चुनाव हो जाएगा तो वह आने वाले समय के लिए बेहतर काम करके जाएगा। कम प्रतिशत वोट होने के कारण वर्षो से एक ही पार्टी का उम्मीदवार जीत कर आ जाता हैं|

क्या वोट करना या ना करना हमारे जीवन पर कोई मूलभूत तरीके से फर्क ला सकता है? आइए अंत में कुछ आंकड़े देखते हैं| मानव विकास सूचकांक का उपयोग देश के मानव विकास को आंकने के लिए किया जाता हैं | भारत मानव विकास सूचकांक के रैंक में 131 वे स्थान पर हैं | राज्यों की बात करे तो आंकड़ों के अनुसार केरल प्रथम स्थान पर हैं| देश के कई राज्यों में वोट प्रतिशत को देखे तो सबसे अधिक वोट प्रतिशत वाले राज्यों में नागालैंड,केरल,त्रिपुरा जैसे राज्य आते हैं| वहीं वोट प्रतिशत में सबसे कम बिहार, उतर प्रदेश जैसे राज्य हैं जो मानव विकास सूचकांक में निचले स्तर पे गिने जाते हैं |