राज्य दर्पण: हिमाचल प्रदेश (मार्च 2019)

अलग-अलग राज्यों से जानिये कि सामाजिक क्षेत्र मैं कौन से अहम् नीति सम्बंधित फैसले लिए जा रहे हैं, और इनका हम जैसे नागरिकों के जीवन पर क्या असर पड़ेगा। 

हिमाचल प्रदेश ने करोनावायरस महामारी संकट निपटने के लिए 500 करोड़ रूपये के राहत पैकेज की घोषणा 
  • हिमाचल प्रदेश के मुख्यमत्री जयराम ठाकुर ने 500 करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा की है जोकि निर्धन और जरुरत मंद के लिए होगा |
  • इस पैकेज के अंतर्गत 30 करोड़ रूपये निर्माण कार्य करने वाले मजदूर वर्ग को वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी इसमें 1.5 लाख मजदूरों को Construction Worker Board के द्वारा 2000 रूपये की एक मुश्त (one time) सहायता प्रदान की जायेगी | 
  • 160.02 करोड़ रूपये पहली तिमाही में समाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए दिए जायेंगे, 5.34 लाख समाजिक सुरक्षा पैंशन धारकों को पहली तिमाही की पैंशन 3000 रुपयें अगले 15 दिनों में दे दिये जायेगी |  जिसमे 1.25 लाख दिव्यांग एवं विधवाओं लाभार्थी शामिल है | PDS उचित मूल्य की दुकानों में ए.पी एल. और बी.पी .एल लाभार्थियों को गेहूं, आनाज और चावल अगले दो महीने का वितरण किया जाएगा |     

हिमाचल प्रदेश में 20 से कम बच्चों वाले स्कूल होंगे मर्ज 

  • हिमाचल प्रदेश में वजट सत्र के बाद 15,368 में से बीस से कम छात्र संख्या वाले 6,127 सरकारी स्कूल साथ लगते स्कूलों में मर्ज कर दिए जायेंगे |
  • यह सूचना विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री ने दी , बजट सत्र के बाद स्कूल मर्ज करने का फैसला होगा | राज्य शिक्षा मंत्री ने बताया कि दाखिला शून्य रहने पर बीते बीते वर्ष 80 स्कूलों में शैक्षणिक स्तर नही चला है|
  • शिक्षा मंत्री ने अनुसार प्रदेश में 4,994 प्राइमरी, 1092 मिडल, 32 उच्च माध्यमिक, 9 सीनियर सकेंडरी स्कूल ऐसे है जहाँ बच्चों की संख्या 20 से कम है |
शिक्षा सुधार में हिमाचल को मिला देश भर में छठा रैंक 
  • हिमाचल ने शिक्षा सुधार में लम्बी छलांग लगाई है | केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2018-19 में हिमाचल ने 1000 में से 799 अंक लेकर देश भर में छठा रैंक हासिल किया है | जबकि 2017-18 की रेटिंग में प्रदेश का 14 वा रैंक था |
  • शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाएं, समान शिक्षा और ग़वर्नेस प्रोसेस के मामले में हिमाचल ने देश के कई राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है | केन्द्रीय मंत्रलाय ने 70 बिन्दुओं के पैमाने पर आधारित परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पी.जी.आई.) रिपोर्ट 2018 से शुरुआत की है |
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि, शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी, नियमित पर्यवेक्षण और निरीक्षण की कमी, शिक्षकों के अपर्याप्त प्रशिक्षण, वित्त की समय पर उपलब्धतता के मुद्दे शिक्षा प्रणाली के विफलता के कारण है |   

प्रदर्शन का आंकलन इस आधार पर हुआ है : 

पैरामीटर  कुल अंक  प्राप्तांक 
लर्निंग आउटकम एंड क्वालिटी  180 140
शिक्षा की पहुंच (एक्सेस ) 80 70
बुनियादी सुविधा  150 126
समान शिक्षा (इक्विटी)  230 204
गवेर्नेस प्रोसेस  360 255
रिजल्ट  1000 799

 

15वित्त आयोग की राज्य को 19,309 करोड़ रूपये देने की सिफारिश 
  • 15 वे वित्तआयोग ने वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश को 19,309 करोड़ रूपये देने की सिफारिश की है| वित्त आयोग ने इससे सम्बन्धित सूचना केंद्र सरकार को भेज दी है |
  • उधोग मंत्री विक्रम सिंह के अनुसार इसमें 11,431 करोड़ रूपये का राजस्व घाटा अनुदान, 6,833 करोड़ कर की अदायगी, 636 करोड़ स्थानीय निकायों के लिए और 409 करोड़ राज्य आपदा कोष को देनें की सिफारिश की गई है |
  • 14 वित्त आयोग की तुलना में 15 वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान में 40.69 प्रतिशत, केन्द्रीय कर अंशदान में 21.05 प्रतिशत, ग्रामीण स्थानीय निकायों में 18.51 प्रतिशत, शहरी निकायों 417.50 प्रतिशत और राज्य आपदा राहत कोष में 74.04 प्रतिशत की वृद्धि की गई है | 14 वे वित्त आयोग के दौरान 14,407 करोड़ रूपये मिले थे 34.03 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 15 वित्त आयोग में वर्ष 2020-21 के लिए 19,309 करोड़ रूपये प्रस्तावित है |        
बजट में आम लोगों के 200 से ज्यादा सुझाव शामिल किये गए
  • प्रदेश सरकार ने आम लोगों से बजट को बेहतर बनाने और खर्च घटाने के सम्बन्ध में सुझाव मांगे थे | जिसके बाद आम लोगों से 2600 से ज्यादा सुझाव सरकार के पास पहुंचे |
  • अधिकतर सुझाव निजी स्तर के थे, इनमे  कर्मचारियों का कांट्रेक्ट पीरियड 3 से एक साल करना, एस.एम.सी. व कम्प्यूटर टीचरों को सरकारी शिक्षक बनाने जैसे सुझाव शामिल है| इसके अलावा गाँव -मुह्ल्ले की सडक, नाली निर्माण, विभिन्न तरह की डिमांड और स्थानातंरण को लेकर लोगों ने अपनी राय भेजी थी | लेकिन 200 सुझाव सरकार को ऐसे प्राप्त हुए है जिनको बजट में किसी न किसी रूप में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है |  
राज्य बजट 2020-21  में खर्च घटाने और राजस्व प्राप्ति पर  बल 
  • हिमाचल प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 49,131 करोड़ रूपये का बजट पेश किया गया | जोकि पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है |
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान के अनुसार आय 47,318 करोड़ रूपये, तथा व्यय 49,130 करोड़ होने का अनुमान है |
  • वर्ष 2020-21 में राजस्व घाटा 683.98 करोड़ रूपये और वित्तीय घाटा 7,272.26 करोड़ रूपये रहने का अनुमान है | इस बजट में खर्च घटाने और राजस्व प्राप्तियां बढाने पर जोर दिया है | निवेश को बढाने के लिए इस बजट में हवाई, सड़क, रोप-वे आदि के निर्माण पर ख़ास ध्यान दिया है | 
बजट का मुख्य आकर्षण
  • बजट में 20 हजार नौकरियों के पद भरने की मंजूरी  | 
  • किसानों, बागवानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं, बजुर्गों पर विशेष फोकस  | 
  • बजट में कई विभागों के कर्मचारियों और कामगारों के मानदेय बढाये गए | 
  • विधायकों की निधि बढाने सहित, 25 नई योजनाओं की घोषणा की गई |