राज्य दर्पण: बदलती नीतियों में हम (हिमाचल प्रदेश, दिसंबर 2019)

अलग-अलग राज्यों से जानिये कि सामाजिक क्षेत्र मैं कौन से अहम् नीति सम्बंधित फैसले लिए जा रहे हैं, और इनका हम जैसे नागरिकों के जीवन पर क्या असर पड़ेगा। 

14 वित्त आयोग से प्राप्त धन राशि को वित्तीय वर्ष के अंदर खर्च करने के निर्देश  

  • हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री वीरेंदर कंवर द्वारा दिए गए नये दिशा निर्देश के अनुसार 14 वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त राशि को 2019-20  के वित्तीय वर्ष के अंत तक खर्च करना होगा यदि अगर ऐसा नही होता है तो धनराशि को ग्राम पंचायतों को राज्य को वापिस लौटाना होगा | 14 वित्त आयोग के अंतर्गत प्रदेश की 3226 पंचायतों ने कुल धनराशि का 71 प्रतिशत खर्च किया जा चुका है |
  • इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश की पंचायतों को 1170.35 करोड़ रूपये अनुदान के रूप में दिए थे जिसमे से 830.55 करोड़ रूपये खर्च कर दिए गए शेष 330.89 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहे है | 14 वित्त आयोग का अनुदान को मनरेगा कनवरजेन्स विकास कार्यों पर खर्च कर सकती है |
  • धन के व्यय की निगरानी के लिए ब्लाक विकास अधिकारी और पंचायत के पदाधिकारी को मासिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए है इसके लिए सभी ब्लाक विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए है कि वह सुनश्चित करे कि काफी ग्राम पंचायतें धनराशि को खर्च नही कर रही है ऐसे में धन राशि लैप्स न हो जाए इसके देखते हुए पंचायती राज मंत्री ने सभी अधिकारीयों और पंचायतों को उचित दिशा निर्देश दिए है |  

शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में हिमाचल पुरस्कृत  

  • देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में हिमाचल प्रदेश को शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में अव्वल आँका गया है केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने नई दिल्ली में इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यह पुरस्कार प्रदान किया |
  • सरकार ने पंजीकृत अस्पतालों में लाभार्थियों को निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए हिमकेयर योजना आरम्भ की है इस योजना के अंतर्गत अभी तक 43 हजार लोगों को उपचार सुविधा प्रदान करने पर 42 करोड़ रूपये खर्च किये गए|
  • प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में कारगर तरीके से क्रियान्वित की जा रही है और 35 हजार लोगों को इसके अंतर्गत चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए 33 करोड़ रूपये खर्च किये गए|

ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का आयोजन 

  • हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित महत्वकांक्षी 2 दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर मीट कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा में किया गया|
  • इस आयोजन के लिए देश एवं विदेश से 1700 से अधिक निवेशक और राजनियक धर्मशाला, में पहुंचे इसके अलावा कई देशों के राजदूत भी इन्वेस्टर मीट में भाग लेने पहुंचे है हिमाचल मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, व कृषि के क्षेत्र में निवेश करना चाहता है|
  • मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विभिन्न डेलीगेट्स के साथ 10095 करोड़ रुपये के निवेश वाले 20 समझौते ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये | राज्य सरकार एयर कनेक्टिविटी, पर्यटन, उर्जा के क्षेत्र में निवेश करना चाहता है क्यूंकि इसकी अपार सम्भवनाएँ है|