महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम

हमारा देश अनेकता में एकता वाला देश है। इसमें कोई संकोच नही है क्यूंकि सम्पूर्ण भारत में हम यह देख सकते है कि यहाँ अनेक भाषा, वेशभूषा, खानपान, रहन-सहन वाले लोग एक साथ निवास करते है। साथ ही अगर हम बात करे समाज की तो भारतीय समाज सदैव से पुरुष प्रधान रहा है किन्तु फिर भी यहाँ महिलाओं के प्रति सम्मान में कोई कमी नही है क्यूंकि यहाँ महिलाओं की देवी रूप में पूजा की जाती है | यह इस बात की ओर इशारा करता है कि हमारे देश में सभी को सम्मान मिले इसके हेतु समाज में अपनी एक विशेष व्यवस्था स्थापित है जो हमारे देश व् समाज को एकता के सूत्र में बाधे रखती है परन्तु फिर भी आज हमारे देश में महिलाओं की स्थिति ठीक नही है |

हमारे देश/समाज में घर की लड़कियों/महिलाओं को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है परन्तु यदि हम वर्तमान समाज में देखे तो हम पाते है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाए आर्थिक रूप से सशक्त नही है, उनको आर्थिक दृष्टि से दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। महिलाएं आर्थिक रूप से ही नही पर समाजिक और राजनैतिक रूप से भी इतनी सशक्त नही है कि वे स्वय अपना जीवनयापन कर सके, जो देश के विकास में अवरोध का कार्य कर रहा है। इस अवरोध को दूर करने हेतु हमारी सरकारें व विभिन्न गैर सरकारी संस्थाये कार्य कर रही है, जिसे एक अभियान के रूप में देखा जा रहा है जो महिला सशक्तिकरण के नाम से जाना जा रहा है तथा इसी क्षेत्र में हमारी संस्था समुत्कर्ष युवा विकास नवयुवक मंडल भी विगत 20 वषों से निरंतर कार्य कर रही है जिसमे पिछले 3 वर्षों से एक अनूठी पहल के माध्यम से इस क्षेत्र में प्रभावी कार्य किया है | वैसे तो महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत महिलाओं से जुड़े समाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, और कानूनी मुद्दों पर सवेदनशीलता और सरोकार व्यक्त किया जाता है। महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया में समाज को पारम्परिक पितृसतात्मक दष्टिकोण के प्रति जागरूक किया जाता है जिसने महिलाओं की स्थिति को सदैव कमतर माना है | वैश्विक स्तर पर नारीवादी आंदोलनों और यूएनडीपी आदि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने महिलाओं के समाजिक क्षमता, स्वतंत्रता और न्याय के राजनीतिक आधिकारों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है महिला सशक्तिकरण भौतिक या अध्यात्मिक, शारीरिक या मानसिक सभी स्तर पर महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा कर सशक्त बनाने की प्रक्रिया है |

इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2015 में हमारी संस्था समुत्कर्ष युवा विकास नवयुवक मंडल ने ग्राम हाथनोदा में नेहरु युवा केंद्र युवा कार्यक्रम एव खेलमंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से महिलाओं के लिए सिलाई कटाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे गाँव की 25 महिलाओं ने निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त किया परन्तु इस 3 माह के प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं में से कुछ महिलओं ने सिलाई को व्यवसायिक रूप से शुरू करने की इच्छा जताई परन्तु बात आर्थिक पिछड़ेपन पर आकर रुकी जिसके कारण से वे महिलाएं अपना स्वयम का व्यवसाय आरम्भ नही कर सकी | जिसका मुझ पर गहरा प्रभाव पड़ा तब मैंने सोचा क्यों न इस ग्राम की महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु कुछ पहल की जाए तथा इस सम्बन्ध में अपने विचार संस्था के सदस्यों से सांझा किये तो उन्होंने बोला कि इस विषय पर प्रभावी कार्य करने की अति आवश्यकता है | तत्पश्चात हमारी टीम ने यह सोचना प्रारभ कर दिया कि किस प्रकार से इस कार्य को किया जाए ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका फायदा मिल सके। तब अंत में यह निष्कर्ष निकला कि क्यों ना महिलाओं की एक सहकारी समिति का गठन किया जाए और हमने इस पर कार्य प्रारभ कर दिया |

अब हमारे सामने प्रमुख चुनौती यह थी की किस प्रकार से अधिक से अधिक महिलाओं को समिति का सदस्य बनाया जाए | इस हेतु हमने स्थानीय सरपंच को भी हमारी कार्य योजना से अवगत करवाया तब सरपंच जी ने हमारे इस कार्य की सराहना की तथा पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान किया परन्तु फिर भी ग्रामीण महिलाए इस समिति से जुड़ने में कोई रूचि नही दिखा रही थी | तब एक स्थानीय महिला वार्ड मंच हमारे साथ जुडी, जो कि विधवा होते हुए समाजिक, आर्थिक, राजनितिक सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक आदर्श थी, जिसके बाद महिलाओं का नजरिया बदला तथा वह हमसे जुड़ने। लगी फिर लगभग 5 महीनों की कड़ी मेहनत के बाद आख़िरकार 22 महिला सदस्यों के अंशदान से जून 2016 में ‘सावित्रीबाई फुले अपना बचत घर महिला सहकारी समिति’ के गठन के पश्चात समिति के सदस्य हर महीने अपनी बचत के 250 रूपये समिति में जमा कराते तथा यदि किसी सदस्य को रुपयों की आवश्यकता होती तो राशि उस सदस्य को लोन के रूप में दी जाती थी। इस प्रक्रिया से इन महिलाओं के परिवारों को आर्थिक रूप से थोडा सबल मिला जिस से प्रभावित होकर कुछ महिलाएं और जुड़ी परन्तु फिर भी मुझे लगा की अभी इस समिति के विस्तार करने हेतु एक विशेष योजना बनाकर कार्य करना होगा तत्पश्चात मार्च 2017 में एक व्यापक अभियान चलाकर इस समिति का प्रचार-प्रसार किया गया जिससे समिति में सदस्यों की सख्या 100 के पार पहुच गई वर्तमान समय में समिति में 250 से ही अधिक सदस्य है तथा समिति की जमा 10 लाख से अधिक हो चुकी है |

इस दौरान अनेक अवसरों (जैसे किसी सदस्य के घर में कोई बीमार हो, किसी के घर शादी हो, बच्चों की पढ़ाई जरुरत का कोई सामान या संसाधन खरीदना हो ) पर कई परिवारों को समिति के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है | अब तक लगभग 10 से 15 महिलाओं को सिलाई मशीन भी समिति के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा चुकी है, जिसके माध्यम से वे महिलाएं अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर रही है | साथ ही, विभिन्न अवसरों पर अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन समिति के माध्यम से किया जाता है, जिसमे महिलाएं बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है | जिससे उनके अंदर छुपी कला को समाज को दिखाने का अवसर प्राप्त हो रहा है | समय समय पर अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से इन महिलाओं को स्वछता, स्वास्थ्य, बाल पोषण, उन्नत कृषि तकनीक जैसे अनेक विषयों से सम्बन्धित ज्ञानवर्धक जानकरियों से अवगत करवाया जाता है तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है ताकि पात्र एव जरूरतमंद व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे |

समिति के गठन से पहले तक यह परिवार सरकारी योजनाओं की जानकारी से अनभिज्ञ रहते थे क्यूंकि परिवार के पुरुष लोग रोज़ी-रोटी के लिए सुबह निकलते तथा शाम को घर आते थे | इसी बीच उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने हेतु समय नही निकल पाता था साथ ही ग्रामीण महिलाएं घरेलू कार्यों में व्यस्त रहती थी तथा अनावश्यक घर से बाहर जाना उन्हें पसंद नही था जिस कारण से महिलाएं भी सरकारी योजनाओं की जानकारी नही ले पाती थी | परन्तु समिति के गठन के बाद महिलाएं समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने हेतु घर से बाहर निकलने लगी, जिससे उन्हें योजनाओं की जानकारी प्राप्त होने लगी, इनमे से कुछ महिलाएं तो ऐसी है जो समिति के कार्यक्रमों के बहाने पहली बार अपने घरों से बाहर निकली तथा अपने गाँव को देखा |

इस समिति के सदस्य आपस में एक परिवार के रूप में एक दुसरे के सुख-दुःख में सहभागी होते है जिससे गाँव में समाजिक सौहार्द के वातावरण का निर्माण स्वत: ही हो रहा है | जोकि एक समाज के लिए अति आवश्यक है | हमारे द्वारा अब तक किये गये प्रयासों से हमे आत्म संतुष्टि प्राप्त हुई है तथा हम इस समिति को एक महिला बैंक के रूप में स्थापित करने हेतु निरतर प्रयासरत है |

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