‘महामारी के दौर में उम्मीद की कुछ किरणें’

कोरोना महामारी के कारण बाकी देशों के साथ-साथ भारत के लोगों का जीवन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जहाँ भी देखें, आये दिन दर्दनाक खबरें ही सुनने को मिल रही हैं। इस माहौल में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो दूसरों के जीवन को बचाने तथा राहत पहुँचाने के लिए अपना हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही दो वास्तविक प्रेरणादायक उदाहरणों को मध्य प्रदेश की हमारी साथी स्वप्ना जी हम सभी के साथ साझा कर रही हैं।

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कार्यरत आँगनवाड़ी कार्यकर्ता रोशनी सेन ग्राम स्तर पर सर्वे, टीकाकरण और जागरूकता का कार्य तो कर ही रही हैं, साथ ही बुजुर्गों एवं बच्चों के लिए कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु मास्क भी तैयार कर रही हैं। रोशनी दिव्यांग हैं और कोरोना संकट की घड़ी में लोगों की सेवा करने के अपने जज़्बे के लिए इन दिनों चर्चा में हैं। रोशनी कहती हैं: “मैं अपने काम के बाद बच्चों एवं बुजुर्गों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मास्क बना रही हूँ। मेरी कोशिश है कि मैं ज़्यादा से ज़्यादा मास्क बनाकर अपने आसपास के लोगों की मदद कर सकूँ”

वहीं लॉकडाउन दौर में सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग मंदसौर जिले के सुल्तानपुर सेक्टर की आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने खबरे आंगन की न्यूज ग्रुप बनाया है। इसके माध्यम से हितग्राहियों तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने का काम हो रहा है। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि लॉकडाउन में आँगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों और महिलाओं की उपस्थिति प्रतिबंधित होने से इनकी ज़िम्मेदारी तथा इनसे लोगों की अपेक्षाएं ज्यादा बढ़ गई हैं | ऐसी स्थिति में आँगनवाड़ी केन्द्र के हितग्राहियों तक महत्वपूर्ण सूचनाओं को पहुँचाने के लिये सोशल मीडिया को माध्यम बनाया गया है।

‘खबरें आंगन की’ न्यूज ग्रुप में 17 गाँव के 31 आँगनवाड़ी केन्द्रों से जुड़े हुए उन सभी लोगों को जोड़ा गया है, जिनके पास स्मार्टफोन है । इस ग्रुप के ज़रिये महत्वपूर्ण जानकारियाँ — जैसे आँगनवाड़ी केंद्र में टीका कब और कितने बजे लगेगा, सत्तु वितरण कब होगा, गाँव में आशा कार्यकर्ता दवाई वितरण कब करेंगी, दूरदर्शन पर 8वीं एवं 10वीं की कक्षा कितने बजे से कितने बजे तक लगेगी इत्यादि पहुँचाई जा रही है। साथ ही इस ग्रुप के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की जानकारी जैसे गाँव में कोई बीमार हो तो संजीवनी टेली हेल्थ सेवा का उपयोग, टोल फ्री नम्बर पर कैसे करना है जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी गाँव में भेजे जा रहे हैं। ‘खबरें आंगन की’ न्यूज ग्रुप के माध्यम से मंदसौर जिले में कोरोना की स्थिति, कलेक्टर के निर्देश, दूध, सब्जी-फल, राशन की दुकानों के खुलने का टाइम-टेबल आदि सूचनाएँ भी हितग्राहियों तक पहुँच रही हैं।

आँगनवाड़ी कार्यकर्तायें कोरोना से बचाव हेतु गाँव की दीवारों पर पेंटिंग बना रही हैं, खुद के हाथों से लिखे हुए पर्चों के माध्यम से गाँव-गाँव में जागरूकता अभियान चला रही हैं, घर-घर जाकर हितग्राहीयों को पोषण आहार बाँट रहीं हैं। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने विभाग से सम्बंधित सभी कार्यों को पूरा कर रही हैं, साथ ही कोरोना से बिना डरे एक योद्धा की तरह अपने गाँव की सेवा में नियमित प्रयासरत हैं।

ऐसे ही न जाने कितने योद्धा हैं, जो हमें-आपको इस महामारी से बचाने के लिए अपनी जान तक को जोखिम में डालकर फर्ज से बढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं।