बढ़ते कदम: कोरोना से लड़ाई में महिला मुखिया के प्रयास

कोरोना महामारी की वजह से आये दिन हमें नयी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इस दौर में कुछ लोगों ने इन चुनौतियों को अवसर में बदला है और आम जनता तक राहत पहुंचाने के लिए अपनी जिम्मदारियों से कहीं बढ़कर काम किया है | ‘बढ़ते कदम’ सीरीज के तहत हम कुछ ऐसे ही लोगों की कहानियां आपके समक्ष प्रस्तुत करेंगे |

बिहार के नालंदा जिले के एक पंचायत की महिला मुखिया कुमारी किरण देवी हैं | घर की ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधि होने के नाते उन पर पंचायत के लोगों की भी जिम्मेदारी है | वे प्रतिदिन अपने गृह कार्य को निपटाकर पंचायत भ्रमण पर निकल जाती हैं |

शहरों से आये हुए मज़दूरों के रुकने का इंतजाम पंचायत द्वारा विद्यालय में किया गया | जैसे ही मजदूरों का क्वारनटाईन समय पूरा होने लगा, उन्हें महसूस हुआ कि गाँव के लोग उनसे बहुत दूर-दूर रहने लगे हैं जिसके कारण मज़दूर हीन भावना से ग्रसित होने लगे | क्वारनटाईन हुए लोगों से कैसा व्यव्हार रखना है, इस विषय पर महिला मुखिया ने लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया |

महिला मुखिया स्वयं प्रवासी मजदूरों के रुकने का इंतजाम देख रही हैं ताकि किसी को कोई परेशानी न हो | घर-घर जाकर वे नियमित रूप से लोगों को कोरोना के बारे में जागरूक कर रही हैं और यह सन्देश दे रही हैं कि हमें इस संक्रमण से एकजुट होकर लड़ना है | महिला मुखिया का कहना है कि शारीरिक दूरी बनाये रखते हुए भी हमे एक दूसरे का सहयोग करना है | उनके इस व्यवहार से प्रवासी मजदूर संतुष्ट हैं और इसकी सराहना जिला पदाधिकारी ने भी की है |

महिला मुखिया ने अपनी पंचायत के स्वयं सहायक समूह की महिलाओं को इस ज़िम्मेदारी के साथ मास्क बनाने का काम दिया है कि पंचायत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क उपलब्ध होना चाहिए | इसके साथ-साथ वे सभी घरों में साबुन, सैनेटाईजर नियमित रूप से उपलब्ध करा रही हैं | उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को भी दोबारा शुरू करवा दिया है ताकि लोगों को घर पर ही काम मिल सके | मनरेगा, सात निश्चय जैसी योजनाएं पंचायत में शुरू करवा दी गयी हैं |

इस दौरान अपनी पंचायत के लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किये हैं | वे बैंक से सम्पर्क कर लोगों को लोन दिलवा रही हैं ताकि गाँव के लोग अपना खुद का काम शुरू कर सकें | इसी के तहत मुखिया ने अपनी पंचायत में मुर्गी पालन, बकरी पालन, महिलाओं के लिए सिलाई–बुनाई का काम भी शुरू करवा दिया है |