बेहद जरुरी है, सिस्टम का सरलीकरण होना!

नमस्कार! मेरा नाम राहुल चौरसिया है| हमारी संस्था का नाम ‘अहिंसा वेलफेयर सोसायटी’ है जोकि बाल अधिकारों पर काम करती है| हमारी संस्था साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा को लोगों तक पहुँचाने के अंतर्गत संविधान से लोगों को जोड़ने का काम भी करती है| मैं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के, छोटे से गांव कड़िया चौरसिया पंचायत कड़िया सासी का निवासी हूँ| मेरी प्रारंभिक शिक्षा मेरे गांव के सरकारी स्कूल में हुई उसके पश्चात् में राजगढ़ चला गया|

राजगढ़ जाने के पश्चात मैंने  साल 2014  में प्रथम संस्था के अंतर्गत असर सर्वेक्षण करवाने में भाग लिया| यह मेरी ज़िंदगी का पहला सर्वेक्षण था जिसके माध्यम से लोगों के घर-घर जाकर बच्चों से मिलना हुआ तथा वहीं से मुझे लगा कि बच्चों के लिए मुझे कुछ करना चाहिए| उसी के बाद मैंने बाल अधिकार पर काम करने का निर्णय लिया और किस्मत से उस समय मैंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में  डी एल एड  किया और वहीं पर साथ में ही बाल अधिकारों पर काम करता रहा जिसमें अनेक गुमशुदा बच्चों को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश मैं अपने घर पहुँचाया|

अभी तक के सफर में सबसे गर्व की बात यह रही कि जब एक बच्चा उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से गुम गया था तो वह ब्यावरा राजगढ़ जिले के रेलवे स्टेशन पर मिला| बच्चे की काउंसिलिंग के पश्चात पता चला कि वह उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का है| तभी राजगढ़ जिले के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शक्तियां प्राप्त बाल कल्याण समिति (CWC) ने आदेश दिया कि बालक को उसके घर जाकर छोड़ा जाए तथा आदेश के अनुपालन में, मैंने स्वयं होली के दिन बालक को उसके घर पहुंचाया| वहां पहुँचने पर मुझे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शक्तियां प्राप्त बाल कल्याण समिति उन्नाव, उत्तर प्रदेश द्वारा बच्चे को उसके घर पहुँचाने पर प्रशंसा पत्र दिया गया| मैं आज जो कुछ भी इस क्षेत्र में कर पाने में सक्षम हुआ हूँ, इसका श्रेय मैं अपनी संस्था के संचालक श्री अरुण सातलकर जी को देता हूँ|

यह मेरे लिए सबसे गर्व की बात रही है कि मुझे मेरे काम के दौरान ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर के बड़े-बड़े अधिकारियों से बच्चों के अधिकारों  पर काम कराना होता है| मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में ग्राम पंचायत से ज़िला स्तर के अधिकारियों से समन्वय बिठाकर काम करता हूँ| अभी तक के  सरकारी संस्थाओं से काम करने के दौरान कुछ सरकारी अधिकारीयों द्वारा काम को टालना, फाइलों को अटका के रखना, आज काम नहीं होगा कल आना, आज सर नहीं है, खर्चा पानी लगेगा, जैसे शब्दों को सुनना पड़ा व उनसे भी काम करवाया कभी-कभी नियमों  की उलझन आई। अभी कुछ समय पूर्व मैंने भोपाल में ‘हम और हमारी सरकार’ कोर्स में भाग लिया था जिसमें हमें बताया गया कि सरकार का प्रशासनिक एवं वित्तीय ढांचा ही इतना जटिल है जिसकी वजह से सेवाएं बाधित होती हैं| हमें बताया गया कि सरकारी सिस्टम को इस तरह से डिजाईन किया गया है जिसकी वजह से लोगों के काम समय पर नहीं होते इसलिए सरकार को ढांचे को इस तरह से बनाना चाहिए जिसमें सभी की स्पष्ट भूमिका हो तथा जवाबदेही और पारदर्शिता का माहौल हो| इससे मैं अपने काम में चुनौतियों से लिंक कर पाया कि मेरे जैसे कितने लोगों को सरकार के साथ काम करने में कई बार अनेकों चुनौतियां आतीं हैं|  ऐसा नहीं है कि सभी अधिकारी काम नहीं करते बल्कि कुछ अधिकारी तो लोगों के लिए दिन-रात अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहते हैं| हमारे जिले की महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी,  श्रीमती चन्द्रसेना भिड़े बच्चों के प्रति इतना स्नेह रखती हैं कि कोई भी काम हो वह तत्काल उसका समाधान करती हैं।

मैंने दिव्यांग बच्चों के साथ काफी काम किया जिसमें दिव्यांग बच्चों को मोटीवेट करना, उनका प्रमाण पत्र बनवाना, दिव्यांग बच्चों को पेंशन चालू करवाने, वह साथ ही दिव्यांगो को उनके उपकरण प्रदान करवाना| मुझे अच्छा लगता था जब मैं हमारे किसी मित्र का बर्थडे दिव्यांग बच्चों के बीच मनाता था| कोरोना महामारी के दौरान अभी वर्तमान में मैं एक ज़िला काउंसलर के  रूप में कोरोना से डरे हुए बच्चों की टेलीफोनिक साइकलो सोशल काउंसलिंग कर रहा हूँ तथा इस लोकडाउन में भी  बच्चों की समस्या का समाधान कर रहा हूँ। आगे चलकर मेरा लक्ष्य है कि मैं और भी बहुत सारे बच्चों की मदद करूँ तथा अन्य लोगों को भी बच्चों की मदद करने के लिए प्रेरित करूँ।

अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि बच्चों की मदद करते हुए हम हमारे देश का भविष्य सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं तथा मुझे ये सब करना बहुत अच्छा लगता है। सरकार को विशेष तौर पर अपने सिस्टम को इस तरह से सरलीकरण करना चाहिए ताकि हर लाभार्थी को उसका लाभ बिना किसी व्यवधान के समय पर मिल पाए| सरकार को खास तौर से बच्चों के लिए भी ऐसी परिणाम उन्मुख योजनायें चलानी चाहिए जिससे वे अच्छी शिक्षा, बेहतर पोषण तथा स्वास्थ्य इत्यादि से लाभान्वित हों पाएं|