प्रशासन के सितारे: राजेन्द्र साबले

नाम: राजेन्द्र साबले

पद:=जनशिक्षक, शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश

1) आप अभी किस विभाग में और किस पद पर काम कर रहे हैं ? आपका मुख्य कार्य क्या है ? 

मै अभी शिक्षा विभाग में 2010 से जनशिक्षक के पद पर कार्यरत हूँ | मेरा मुख्य कार्य मेरे जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों का निरिक्षण करना एवं शासन के सभी निर्देश को सभी स्कूलों तक पहुचाने का कार्य करना है, एवं समय समय पर शिक्षको को प्रशिक्षण देने का कार्य भी करते है |

2) अभी तक के सफ़र में सरकार के साथ जुड़ कर काम करने का अनुभव कैसा रहा है ? 

मध्यप्रदेश शासन के साथ मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है, मध्यप्रदेश सरकार दुसरे राज्य से काफी अग्रेसर है| शिक्षा विभाग राज्य को लेकर हमेशा प्रतिबद्ध रहता है | हर साल बच्चो की गुणवत्ता के लिए नई योजनाये लायी जाती है | जैसे की, शाला सिद्धि योजना, दक्षता उन्यन्न कार्यकम | इसप्रकार के कार्यक्रम में मैंने देखा की बच्चे किस प्रकार से अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहे है | यह राज्य सरकार का सराहनीय प्रयास है | मेरे द्वारा भी सरकार के हर कार्य को पूरी आत्मीयता के साथ  लाभार्थी तक पहुचाने का कार्य किया जाता है | अगर योजनाओ के बारे में किसी को कोई भी समस्या या परेशानी हो तो उसे स्वयं जाकर दूर करते है | ताकि सही सन्देश बच्चो तक पहुच सके | 

3) करियर में अभी तक की क्या बड़ी सफलताएँ रही है ? एक या दो के बारे में बताएं ? 

माध्यमिक विद्यालय खेजडा कल्याणपुर में मुझे संविधा शिक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था | गणित और विज्ञान विषय हेतु मेरी नियुक्ति की गई थी | जब मेरी नियुक्ति हुई तब माध्यमिक विद्यालय खेजडा कल्याणपुर की परिस्थिति काफी अलग थी, बच्चे नहाकर स्कूल नहीं आते थे, स्कूल भी काफी गन्दा रहता था | जिसके कारन वहां पर बैठने का मन नहीं करता था | स्कूल में शाला प्रबंधन समिति की बैठक नहीं होती थी |  गाँव में कुछ समय बिताने के बाद और शाल प्रबंधन समिति को घर घर जाकर उनके अधिकारों के बारे में समझाने के बाद धीरे धीरे माता पिता और लोगो में परिवर्तन देखने को मिला | और वह अपने बच्चो की साफ सफाई एवं शाला प्रबंधन समिति स्कूल की सफाई को लेकर काफी सजग हुई | और इसप्रकार स्कूल का पुराना चित्र बदलकर नए तरीके से स्कूल का निर्माण हुआ | कुछ समय बाद मेरा उस स्कूल से ट्रान्सफर का पत्र आया लेकिन गाँव के लोगो द्वारा मेरा ट्रान्सफर रोकने हेतु SDM के पास गए एवं लोगो के कहने पर मेरा ट्रान्सफर रोका गया | यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धी थी | 

मेरी दूसरी उपलब्धि यह है की, अभी वर्तमान में जनशिक्षक के रूप  में एक से ज्यादा स्कूलों में बच्चो को पढ़ाने का कार्य कर रहा हूँ, जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चे अच्छे नंबर से पास हो सकेंगे | और देश का नाम आगे बढ़ाएंगे | 

4) इन सफलताओं के रास्ते में क्या कुछ अनोखी मुश्किलें या परिस्थितियां सामने आई ? इनका समाधान कैसे हुआ ? क्या आप अपने अनुभव से इसके उदाहरण दे सकते है ?

लोगो में बदलाव लाना खुद एक बड़ी चुनोती है, और इसके लिए समय लगता है | यही माध्यमिक विद्यालय खेजडा कल्याणपुर में हुआ | जब बच्चो को घर से नहाकर अच्छे कपडे पहनाकर आने के लिए कहाँ गया तब माता पिता ने शुरुवात में सहयोग नहीं किया | इसलिए शाला प्रबंधन समिति को साथ में लेकर कुछ दिनों तक स्कूल के मैंदान में सभी बच्चो को नहलाने का कार्य किया माता पिता ने देखा बच्चे साफ़ सुथरे कितने अच्छे दिख रहे है | फिर माता पिता अपने घर से ही बच्चो को नहलाकर स्कूल भेजने लगे |  

हर स्कूल में पढ़ाने के लिए समय नहीं मिलता इसलि,ए हर विषय के शिक्षको को अगर पढ़ाने में कही दिक्कत हो रही है तो उन्हें स्वयं जाकर समझाने का कार्य करते है | इसके लिए हमें कई बार श्याम को स्कूल बंद होने के बाद भी कार्य करना पड़ता है | 

5) बेहतर शासन और सेवा वितरण में आप अपना योगदान किस प्रकार देखते है ?   

अपने कार्य के प्रति हमेशा जागरूक रहकर, सरकार द्वारा दिए गये कार्य को अच्छे से करके | जनशिक्षक जनसेवक की तरह होता है, जिसे जहाँ पर जरुरत पड़े वहां जाकर उनकी मदत कर सके, सभी को साथ लेकर चले | सभी के साथ पारदर्शिता बनाये रखे ताकि शिक्षक अपनी बात को बिना किसी संकोच से कह सके एवं उसे सुलझाने में पूरी तत्परता से कार्य कर सके | 

6) अपने काम के किस पहलू से आपको ख़ुशी मिलती है ? 

मै एक मास्टर ट्रेनर के रूप में भी कार्य करता हूँ, जिस विषय के सन्दर्भ में मुझे शिक्षको को समझाना है, उसे पूरी लगन के साथ समझाने में मुझे ख़ुशी मिलती है | शिक्षको के हर समस्या का निवारण करने की कौशिश करता हूँ, स्कूल भेट के दौरान जब उसी विषय को बिना किसी समस्या के शिक्षको को पढ़ाते देखता हूँ तो मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है | और यह देखकर मन भर आता है की, बच्चो का भविष्य अभी सही दिशा की और बढ़ रहा है | 

7) i) अच्छे अधिकारियो के तीन जरुरी गुण ?

अपने कार्यक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मियों के साथ व्यवहार अच्छा होना चाहिए, अपने कार्य को पूरी लग्न के साथ करना चहिये, समयसीमा में कार्य करना चाहिए | 

ii) काम से सम्बंधित वह जिम्मेदारी जिसमे सबसे ज्यादा मजा आता हो ?

मुझे सबसे ज्यादा पढ़ाने में मजा आता है, बच्चे तब सहज नहीं होते है जब उन्हें किसी विषय में पढने में परेशानी का सामना करना पड़ता है | और यह बच्चो की आँखों में साफ़ दिखाई देता है | इसलिए मुझे ऐसे बच्चो के साथ उनकी पढाई से सन्दर्भ की समस्या को सुलझाने में मजा आता है | और जब बच्चो को उसका जवाब आने लगता है तो उनका आत्मविश्वास उनके चहरे पर साफ़ दिखाई देता है | 

iii) अपने क्षेत्र में कोई ऐसा काम जो आप करना चाहते हो मगर सरंचनात्मक या संसाधन की सीमाए आपको रोक देती है ?

जनशिक्षक जनसेवक की तरह कार्य करता है, वह सबकी मदत करता है | पर जनशिक्षक को किसी प्रकार     का अधिकार / पॉवर नहीं है | हमें शिक्षक के उप्पर कोई कारवाई करने का अधिकार नहीं है | जिसके कारन हमें जो अहमियत मिलनी चहिये वह नहीं मिल पाती है | अगर हमें पॉवर मिल जाती हैं तो हमारे क्षेत्र में शिक्षको के द्वारा किये जाने वाले कार्य और बेहतर हो सकते है |