प्रशासन के सितारे : अभिनीत कात्यान

नाम: अभिनीत कात्यान

पद : खंड विकास अधिकारी, धर्मशाला ब्लाक, जिला काँगड़ा (हि.प्र.)  

1)आप अभी किस विभाग में और किस पद पे काम कर रहे हैं? आपका मुख्य कार्य क्या हैं?  

मैं वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार में खंड विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हूँ | मैंने मई 2016 में चंबा जिले के पांगी ब्लाक में खंड विकास अधिकारी के रूप में अपनी पहली विभागीय सेवाओं का कार्यकाल शुरू किया | वर्तमान में मैं पिछले एक वर्ष से ब्लाक धर्मशाला में खंड विकास अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहा हूँ | जैसे कि हमारे विभाग के नाम से स्पष्ट होता है कि ग्रामीण विकास विभाग जोकि गाँव से और गाँव में रहने वाली जनता से जुड़ा है  मुख्य रूप से हमारा कार्य, सरकार की योजनाओं को पंचायत स्तर पर क्रियान्वित करना उदाहरण के रूप में मनरेगा के अंतर्गत मोक्ष धाम का निर्माण, कुह्लों का निर्माण, रास्तों का निर्माण, जमीनी विकास के कार्य किये जाते है | 14 वित्त आयोग के अंतर्गत विकास कार्य, चयनित समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य को दी जाने वाली निधि भी हमारे माध्यम से ग्राम पंचायत को दी जाती है | इसके अलावा विधानसभा सदस्य द्वारा अपने क्षेत्र के विकास में दी जाने वाली निधि भी खंड विकास कार्यालय के माध्यम से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाती है, जिसमे कि मुख्य तौर पर विकास कार्यों में महिला मंडल भवन निर्माण, रास्तों का निर्माण, युवक मंडल भवन और सामुदायिक भवन निर्माण प्रमुख रूप से है | साथ ही साथ ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेना और आवश्यक दिशा निर्देश ग्राम पंचायत को देना मुख्य रूप से है |    

2) अभी तक के सफर में सरकार से जुड़के काम करने का अनुभव कैसा रहा है ?                

सरकार के साथ जुड़ कर अनुभव बहुत अच्छा रहा है | मैं अपनी सेवा-काल के आरम्भ के दो वर्ष पांगी विकास खंड में रहा हूँ जैसे कि आप भली-भांति परिचित है कि पांगी हिमाचल प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में आता है | जहाँ कि अपनी चुनौतियाँ है | वर्तमान में मैं धर्मशाला ब्लाक में हूँ जो कि काँगड़ा जिला का हेडक्वाटर है, दोनों ब्लाक का परिद्रश्य भूगोलिक रूप से अलग-अलग है | इस विभाग में कार्य करने की एक बड़ी विशेषता है कि लोगों के साथ सीधे रूप से जुड़ कर उनकी समस्याओं का समाधान कर सकते है | पांगी विकास खंड कार्यालय में हमने यह  प्रयास किए कि जनता के साथ जुड़ कर उनके अधिकार और दायित्ब के बारे में बताया जाए और इसमें काफी हद तक हमने सफलता भी हासिल की | और वर्तमान में यह प्रयास ब्लाक धर्मशाला में हमने निरंतर रूप से जारी रखे है |

3) करियर में अभी तक की क्या बड़ी सफलताएं रहीं हैं? एक या दो के बारे में बताईये?     

जैसे कि आप भली-भांति परिचित है कि खंड विकास कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार और राज्य सरकार की 14-15 योजनायें क्रियान्वित की जाती है | जिनमे मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, आवास योजना हैं , पर मुख्य तौर से मेरा जुड़ाव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से है।  इस योजना से जुड़ने के एक बड़ा मुख्य उद्देश्य यह है कि यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाती है | जिससे कि महिलाओं को रोजगार के लिए कहीं बाहर जाने की जरुरत नही है | मैं अपनी एक बड़ी सफलता इसे मानता हूँ कि पांगी की महिलायें अपने प्रमुख उत्पाद पांगी की ठांगी, अखरोट, जीरा, शिलाजीत बेचने के लिए मार्किट उपलब्ध नही थी जैसे कि आप जानते है पांगी एक दुर्गम एवं पिछड़ा क्षेत्र है जोकि वर्ष के 6 महीने बर्फ की वजह से बंद रहता है | हमने मार्किट उपलब्ध करवाने के लिए उनके प्रोडक्ट की अच्छी पेकिजिंग और उनके उत्पाद को दिल्ली आजीविका मेले तक पहुचाना मैं एक बड़ी सफलता मानता हूँ|

दूसरी सफलता की अगर मैं बात करू तो हमने धर्मशाला ब्लाक में ‘नमस्ते धर्मशाला’ ग्रामीण टूरिज्म प्रोजेक्ट का आरम्भ किया | जिसे देखने महारष्ट्र के चयनित सदस्य, प्रमुख तौर दो से तीन जिले के जिला परिषद चेयरमैन, सदस्य, ADC, ब्लाक विकास अधिकारी, CEO’s इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन को समझने आ रहे है | मुख्य रूप से यह कार्यक्रम NRLM राष्टीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ा है मुख्य रूप से लोगों को उनकी संस्कृति से जोड़े रखना है और उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाना है जैसे कि धर्मशाला पर्यटन नगरी के रूप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और अपनी हिमाचली संस्कृति को कैसे दिखाया जाए यहाँ की कांगड़ी धाम, लोक नृत्य, लोक -संगीत इस पर कार्य करते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की है|  इस प्रोजेक्ट में पूर्ण रूप से सेल्फ हेल्फ ग्रुप कार्य कर रहे है जोकि खंड विकास कार्यालय धर्मशाला में पंजीकृत है | इस प्रोजेक्ट में विभाग का कोई भी व्यक्ति कार्य नही कर रहा है | हमने मुख्य रूप से महिलाओं के सेल्फ -हेल्प ग्रुप को प्रेरित करने का कार्य किया है | बाकी सारा कार्य वह खुद से कर रहे है |

4) इन सफलताओं के रास्ते में क्या कुछ अनोखी मुश्किलें या परिस्तिथियाँ सामने आयी ? इनका समाधान कैसे हुआ ?   क्या आप अपने अनुभव से इसके उदाहरण दे सकते हैं?

मैं बताना चाहूँगा कि कोई भी प्रोजेक्ट अगर वह केंद्र स्तर या राज्य स्तर से बन कर आया है और आपको उसका क्रियान्वयन करना है तो उसके क्रियान्वयन को लेकर इतनी मुश्किल नही आती है | इसी के विपरीत अगर हमे अपने स्तर से कोई प्रोजेक्ट शुरू करना हो तो चुनौतियां तो निश्चित रूप से अधिक होती है | अगर आप अपने सीनियर को अपने प्लान को लेकर कन्विंस करवा लेते हो तो वह आपको अपना पूरा सहयोग देते है | मैं एक बात स्पष्ट करना चाहूँगा कि सरकारी तन्त्र में अगर आप अपने सीनियर को कन्विंस करवा देते है तो वह आपको निश्चित रूप से सहयोग देते है | इसी प्रोजेक्ट को लेकर पंचायती राज विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक श्री राकेश कंवर जी का मुझे इस प्रोजेक्ट आरम्भ करने के समय पर उनके दिशा-निर्देश बहुत महत्वपूर्ण थे जिसे कि प्रोजेक्ट में हमे सफलता हासिल हुई | अगर आपका विजिन स्पष्ट है और आप अपने सीनियर को इसे सहमत कर दो वही चुनौतियाँ आपके लिए अवसर बन जाते है |    

5) बेहतर शासन और सेवा वितरण में आप अपना योगदान किस प्रकार देखते हैं?         

एक बेहतर शासन और सेवा वितरण के लिए वर्तमान में ई-गवर्नेस इनिशिएटिव शुरू हो गए है |  मनरेगा की अगर मैं बात करूँ तो इसमें 15 दिन के भीतर कार्य करने वाले व्यक्ति को उसकी मजदूरी मिलना अनिवार्य कर दिया गया है | जब से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और आनलाइन मनरेगा हुआ है तब से काफी चीज़े मनरेगा की सर्विस प्रणाली में बेहतर हुई है |  हमारे पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव के स्तर प्रमुख तौर पर लोग विभिन्न तरह के सर्टिफिकेट, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण, परिवार रजिस्टर, परिवार नकल प्रमाण पत्र को लेने आते है और अब से इन सर्टिफिकेट को आनलाइन कर दिया गया है | जिसे कि पहले मैन्युअल रूप से तैयार करने में लगने वाला समय में कमी आई है | इसी का परिणाम है कि सेवा वितरण में सुधार आया है |     

6) अपने काम के किस पहलू से आपको ख़ुशी मिलती है?

मैं बताना चाहूँगा, कि हमारा विभाग ग्राम पंचायत व लोगों से सीधे तौर पर जुड़ा है अगर कोई पात्र व्यक्ति हमारे पास आता है तो हमारा प्रयास रहता है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत हम उसे लाभ देने में सफल हो पाए | यदि  पात्र व्यक्ति की समस्या का समाधान हम कर पाते है और वह व्यक्ति हमारे विभाग/कार्यालय से संतुष्ट होकर जाता है और निश्चित समय में उनका कार्य पूर्ण हो जाता है तो यह मुझे सबसे अधिक ख़ुशी देता है |

7) अच्छे अधिकारी के 3 ज़रूरी गुण  ?                                                           

सबसे प्रमुख लोगों के प्रति सहानभूति, लोगों की बात सुनने का एक अधिकारी में धैर्य होना चाहिए, तीसरा किसी भी कार्यक्रम को लेकर विजिन स्पष्ट होना चाहिए जैसे कि अपने कार्य को फील्ड स्तर से शुरू कर उसे अपने उच्चतम स्तर तक कैसे ले जाना है उदाहरण दिल्ली के आजीविका मेले तक महिलाओं के उत्पाद को पहुंचाना हमारा प्रयास रहा है |  

8) काम से सम्बंधित वह ज़िम्मेदारी जिसमे सबसे ज़्यादा मज़ा आता हो ?

ग्राम पंचायत में पात्र व्यक्तियों की समस्याओं को हल कर उन्हें लाभ पहुंचाना सबसे आनंद देता है | इसी के साथ किसी भी जिम्मेदारी को सम्भालना और इस दौरान सकारात्मक और नकारात्मक

परिणाम आते है वह निश्चित रूप से भविष्य में बहुत मददगार होते है |

9) अपने क्षेत्र में कोई ऐसा काम जो आप करना चाहते हो मगर संरचनात्मक या संसाधन की सीमाएँ आपको रोक देती हैं ?

मैं सरकार के कार्यक्रमों का एकीकरण करना चाहता हूँ | जैसे कि स्वच्छ भारत अभियान केंद्र स्तर और राज्य स्तर पर एक प्रमुख कार्यक्रम है परन्तु कई चीज़े है इस कार्यक्रम में हम छोड़ देते है इसके लिए हम एक अलग विभाग को वह ज़िम्मेदारी दे देते है, इसका एक उदाहरण है टी बी कैम्पेन, स्वच्छ भारत अभियान और टी.बी में काफी हद तक एक दुसरे से जुड़े है इसी के साथ ही साथ एक-दूसरे से फैलने वाली बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए | यदि हम इसमें stop the spit कैम्पन जोड़ दिया जाए | स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य केवल पौलिथिन हटाना ही नही अपितु इसको दुसरे कार्यक्रमों से जोडकर देखा जाना चाहिए | यदि मेरे साथ ब्लाक मेडिकल आफिसर (BMO) साथ जुड़ जाए और ब्लाक स्तर पर विभागीय एकीकरण हो जहां पर के रणनीति तैयार की जाये ताकि स्वच्छ भारत मिशन में कुछ नये बिंदु जोड़े जा सकते है | पोषण की ग्राम सभा, सोशल आडिट की ग्राम सभा, आम ग्राम सभा इस प्रकार से आमजन में नीरसता आती है वह ग्राम सभा के असल महत्व समझ नही पाते है मेरा मानना है कि ग्राम सभा की वर्ष की अगर चार मीटिंग होनी है उसका पूरी तरह से एजेंडा एवं योजना तैयार किया जाये |  योजना का एकीकरण करना मैं निश्चित रूप से जरुरी मानता है |